जानिए क्यों है महादेव का वस्‍त्र भस्म?

जानिए क्यों है महादेव का वस्‍त्र भस्म?
Publish Date:17 July 2017 07:49 PM

देवताओं में  भगवान‌ शिव ही ऐसे हैं, जो भस्म को वस्‍त्र के रूप में धारण करते हैं। जिन्हें न किसी गहनों से मतलब है और न ही बाकी चीजों से, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोलेनाथ भस्म में क्‍यों रमे रहते हैं। यही नहीं उनकी पूजा में भी भस्म का काफी महत्व है। भोलेनाथ के शरीर पर लगे भस्म के पीछे एक नहीं कई राज छिपे है, जिसमें से एक रहस्य तो आपकी मौत से भी जुड़ा है।माना जाता है कि भगवान शिव मृत्यु के स्वामी है और वो शव के जलने के बाद उसकी बची हुई राख को अपने शरीर पर धारण करते है। इसका मतलब कि इस धरती है जो भी आया है वो एक न एक दिन इसी तरह भगवान शिव में मिल जाएगा। जली चिता की भस्म अपने शरीर पर लगाने से पीछे का कारण पवित्रता से जुडा है। भगवान शिव ने पवित्रता को एक चिता में खोजा। कहा जाता है शरीर पर भस्म लगाकर भगवान शिव उस व्यक्ति से खुद को जोड़ते हैं।
वैसे भगवान शिव के  शरीर पर भस्म लगाने के पीछे कारण सिर्फ इतना ही नहीं है। पौराणिक कथाओं के अनुसार उसके शरीर पर भस्म लगाने कारण उनकी पहली पत्नी से भी जुड़ा है। दरअसल पर माता सती ने खुद  को अग्नि में समर्पित करके आत्मदाह कर लिया था तो उनकी मौत  की खबर सुनकर महादेव अपना मानसिक संतुलन खो बैठे थे। वो अपनी पत्नी के शव को लेकर कभी आकाश तो कभी धरती की ओर घूमने लगे।जब भगवान विष्णु ने महादेव की ये दशा देखी तो उन्होंने सती माता के शरीर को छूकर उनके शरीर को भस्म में बदल दिया। अपनी पत्नी को भस्म में बदला देखकर और उनकी हमेशा से खुद को दूर होता देखकर भोलेनाथ ने वो भस्म अपने पूरे शरीर पर लगा ली। जिससे वो हमेशा  अपनी पत्नी के साथ रहें। 
वैसे पूरा शरीर भस्म से ढ़का होने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। माना जाता है कि ये भस्म शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है। ये त्वचा के रोगों में दवाई  का काम  करती है।शिव जी सन्यासी की तरह रहते है, जिन्हें संसारी चीजों  का मोह नहीं होता। ये प्राकृतिक चीजों पर विश्वास करते हैं। इसीलिए वजह से भवगान शिव भस्म को अपने शरीर पर रमाते हैं

संबंधित ख़बरें