आरुषि मर्डर केसः मौत की मिस्ट्री पर बनी थीं यह फिल्म

आरुषि मर्डर केसः मौत की मिस्ट्री पर बनी थीं यह फिल्म
Publish Date:12 October 2017 04:21 PM

उत्तर प्रदेश के नोएडा की बहुचर्चित मर्डर मिस्ट्री आरुषि-हेमराज हत्याकांड पर आज फैसले का दिन है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस फैसले पर पिछली सुनवाई यानि 8 सिंतबर की सुनवाई में फैसला सुरक्षित रखा था। इस हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था जिसमें आरुषि के डॉक्टर माता-पिता पर हत्या का आरोप लगा। इस हत्याकांड ने बॉलीवुड को भी मजबूर कर दिया कि वो उसकी कहानी तो फिल्मी पर्दे पर उतारे और देशभर के लोगों तक पहुंचाए। इस फिल्म में पूरे घटनाक्रम को हर शख्स के नजरिए से दिखाया गया। मसलन डॉक्टर माता-पिता से लेकर पुलिस की जांच और फिर सीबीआई के नजरिए से। फर्क बस इतना था कि किरदारों के नाम बदल दिए गए थे। आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या की गुत्थी ने पूरे देश को दुविधा में डाल दिया था। कोई भी यह मानने को तैयार नहीं था कि आरुषि की हत्या उसके माता-पिता ने की। आज भी यही सवाल लोगों के जेहन में है। इसी दुविधा को निर्देशक मेघना गुलजार ने अपनी फिल्म श्तलवारश् में दिखाने की कोशिश की थी। फिल्म में इरफान, कोंकणा सेन शर्मा, सोहम शाह और नीरज कबी मुख्य भूमिकाओं में थे। आरुषि के मामले में पुलिस की लापरवाही की बात सामने आई थी और लोगों ने कार्रवाई पर सवाल भी उठाए थे। यही चीज मेघना गुलजार ने फिल्म तलवार में दिखाई कि अगर शुरुआत में ही पुलिस लापरवाही नहीं बरतती तो मामला आसानी से सुलझ जाता। शुरुआत में ही पुलिस ने इस केस में ज्यादा माथा-पच्ची करने के बजाय इसे ओपेन एण्ड र्शर्ट केस मान लिया था। हालांकि बाद में कोर्ट ने आरुषि-हेमराज मर्डर केस में फैसला सुना दिया था जिसके बाद तलवार दंपती गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं। लेकिन आज इस केस पर फैसला आएगा।

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